गोड़बहरा पंचायत में मजदूरी भुगतान में लापरवाही आदिवासी मजदूर भटकने को मजबूर

गोड़बहरा पंचायत में मजदूरी भुगतान में लापरवाही आदिवासी मजदूर भटकने को मजबूर

सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत गोड़बहरा में मनरेगा के तहत काम करने वाले गरीब आदिवासी मजदूर अपनी मेहनत की मजदूरी के लिए सरपंच और सचिव के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में किए गए कार्यों की मजदूरी अब तक उनके खातों में जमा नहीं हुई है, जिससे वे पंचायत के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। दुधिया टोला निवासी फूल कुमारी सिंह पति गिरधारी सिंह को 11 दिन, राम सिंह पिता महिपाल सिंह को 14 दिन तथा मालती सिंह माता लल्ली सिंह पिता स्व. सुबरन सिंह को 28 दिन की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इनके अलावा भी कई मजदूर ऐसे हैं, जिनकी मजदूरी लंबित पड़ी है। मजदूरों का आरोप है कि जब वे पंचायत कार्यालय में भुगतान की जानकारी लेने जाते हैं तो सचिव द्वारा यह कहकर टाल दिया जाता है कि मजदूरी बैंक खाते में भेज दी गई है, जबकि खातों की जांच करने पर किसी प्रकार की राशि जमा नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक परिवार को 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी दी गई है, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके बावजूद पंचायत स्तर पर लापरवाही के कारण मजदूरों को समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा है। इससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुधिया टोला के मजदूर मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि कई ग्रामीण सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते हैं। अंतत: मजदूरों ने अपनी मजदूरी दिलाने के लिए जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराया जाए।