जनसुनवाई में शिकायत के उपरांत भी नहीं जगा ब्लॉक बी प्रबंधक

जनसुनवाई में शिकायत के उपरांत भी नहीं जगा ब्लॉक बी प्रबंधक

 

मामला ब्लॉक बी परियोजना गोरबी में सीएचपी का कार्य कर चुकी वीनस इंजीनियरिंग का

 

मामला बोनस, एरियर, पीएफ व छुट्टी का भुगतान न किए जाने का

 

गोरबी, सिंगरौली। नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड एनसीएल की इकाई ब्लॉक बी परियोजना गोरबी में सन् 2018 से सन् 2020 तक यानि लगभग ढाई वर्ष कार्य कर पलायन हो चुकी सीएचपी का कार्य कर चुकी वीनस इंजीनियरिंग कंपनी का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि उक्त कंपनी द्वारा उक्त कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को पीएफ, बोनस एरियर व छुट्टी के पैसे का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया जिसकी शिकायत कर्मचारियों द्वारा विगत दिनांक 05 जनवरी 2021 को जनसुनवाई में जिला कलेक्टर से की गई थी किंतु शिकायत के उपरांत भी 01 माह बीत जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक बोनस, एरियर, पीएफ व छुट्टी के पैसों का भुगतान उक्त कंपनी वीनस इंजीनियरिंग द्वारा नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त मामले की शिकायत लेकर जब पीड़ित कर्मचारियों द्वारा ब्लॉक बी परियोजना के जिम्मेदारों से गुहार लगाई गई तो उनके द्वारा पीड़ित कर्मचारियों कि शिकायत को नजरअंदाज करते हुए बेतुका जवाब के साथ ही अगली कंपनी से भी रोजगार से हाथ धो बैठने कि धमकी देकर पीड़ित कर्मचारियों को भगा दिया गया। किंतु भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया। समाचार के माध्यम से एनसीएल सीएमडी का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है कि पीड़ित कर्मचारियों को उनका भुगतान मिल सके। आखिर कब तक दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होंगे पीड़ित कर्मचारी जिन्होंने संपूर्ण कोरोना कॉल में अपनी जान जोखिम में डालकर प्रतिदिन समय से अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ड्यूटी करने के बावजूद वीनस इंजीनियरिंग व ब्लॉक बी परियोजना के जिम्मेदारों द्वारा पैसों का बंदरबांट कर कर्मचारियों के हक पर डाका डाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें ब्लॉक बी के जिम्मेदारों द्वारा पर्दा डाला जा रहा है विगत कई वर्षों से कई ऐसे मामले हैं जो ब्लॉक बी परियोजना के जिम्मेदारों द्वारा लंबित रखा गया है और जरूरतमंदों को उनका रोजगार नहीं मिल रहा है या रोजगार मिल भी रहा है तो प्राइवेट संविदा कंपनियां उक्त कर्मचारियों का भुगतान रोक रखा है। बताना चाहूंगा कि ब्लॉक बी परियोजना गोरबी के जिम्मेदारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश कि अवहेलना करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश का पालन न कर एवं उन्हें समय से जवाब न देकर अपना रसूख दिखाया जा रहा है और बताया जा रहा है कि अगली कंपनी यानि वर्तमान संविदा कंपनी का हाल भी पूर्व कंपनी वीनस इंजीनियरिंग जैसा ही बताया जा रहा कि विगत 02 माह से कर्मचारियों का मासिक भुगतान नहीं दिया गया है।

 

 

35 से 40 चहेते लोगों का आधार कार्ड व बैंक खाता जमा कर कर्मचारी दिखा करोड़ों का बंदरबांट

 

बताया जा रहा है कि ब्लाक बी परियोजना गोरबी में पूर्व में कार्य कर चुकी वीनस इंजीनियरिंग कंपनी के कर्ता हरियाणा के हैं जिनके द्वारा ब्लॉक बी परियोजना के स्टाफ कार्मिक विभाग में तालमेल बनाकर अपने चहेतों का आधार कार्ड का बैंक खाता जमा कर फर्जी तरीके से उन्हें अपना कर्मचारी दर्शा कई करोड़ रुपयों का बंदरबांट किया गया है।

 

एग्रीमेंट के बावजूद बायोमैट्रिक अटेंडेंस नहीं लगती

 

जबकि बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए कंपनी के साथ एग्रीमेंट हैं बावजूद इसके किसी कर्मचारी का बायोमैट्रिक अटेंडेंस नहीं लगाया जाता है जिससे इनको फर्जी हाजिरी लगाने का मौका मिलता है अगर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगा तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और फर्जी अटेंडेंस नहीं लग सकता एनसीएल प्रबंधन बिना बायोमैट्रिक अटेंडेंस के पिछले 03 साल से इसी प्रकार भुगतान किया जा रहा है इसकी जांच की जानी चाहिए हाजिरी जांच का काम एसओपी ( स्टाफ कार्मिक अधिकारी) ब्लॉक बी का है लेकिन जहां धृतराष्ट्र बनकर फर्जी बिलों के भुगतान पर हस्ताक्षर किया जाता है ऐसा नहीं कि यह सिलसिला थक गया हो वह अब भी जारी है उक्त मामले की अगर एनसीएल सीएमडी द्वारा गहनता से जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जाएगा।