सिंगरौली पुलिस की तत्परता से रुका बाल विवाह, अवयस्क बालिका को किया संरक्षण में प्रस्तुत

सिंगरौली पुलिस की तत्परता से रुका बाल विवाह, अवयस्क बालिका को किया संरक्षण में प्रस्तुत

जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सिंगरौली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त कार्रवाई से एक अवयस्क बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. को सूचना मिली थी कि ग्राम कंजी निवासी रामअवध पटेल अपनी लगभग 16 वर्षीय अवयस्क पुत्री का विवाह कर्थुआ निवासी राहुल पटेल के साथ 19 जून 2026 को कराने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महिला थाना प्रभारी आराधना सिंह को मामले की जांच के लिए भेजा गया। साथ ही जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जीतेंद्र गुप्ता को भी अवगत कराया गया। प्रारंभिक जांच के बाद 18 जून को सीडीपीओ बिंदू उइके एवं उनकी टीम ने खुटार चौकी प्रभारी शीतला यादव के सहयोग से ग्राम कंजी पहुंचकर परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी।
इसके बावजूद विवाह की तैयारियां जारी रहने की सूचना पर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा, महिला थाना प्रभारी आराधना सिंह, खुटार चौकी प्रभारी शीतला यादव, पुलिस बल तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जीतेंद्र गुप्ता अपनी टीम के साथ ग्राम कंजी पहुंचे। उस समय बारात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।
जांच के दौरान बालिका की कक्षा 9वीं की अंकसूची में उसकी जन्मतिथि 16 अगस्त 2012 दर्ज पाई गई, जिससे वह विधिक रूप से विवाह योग्य आयु से कम पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश देकर विवाह रुकवाया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने अवयस्क बालिका और उसकी माता को आवश्यक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया।