वन कर्मचारी एवं कांग्रेस पार्टी आमने-सामने

वन कर्मचारी एवं कांग्रेस पार्टी आमने-सामने
वन पाल के पक्ष में म.प्र. वन कर्मचारी संघ सिंगरौली ने रैली निकाल कर कार्रवाई का किया विरोध

सिंगरौली 26 दिसम्बर। गोभा क्षेत्र के कार्यवाहक वन पाल बीट गार्ड के ऊपर लालजी बैगा ने गंभीर रूप से मारपीट करने का आरोप लगाया है। जहां इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। वन पाल सुशील कुमार बुनकर के पक्ष में आज म.प्र. वन कर्मचारी संघ सिंगरौली के अधिकारी-कर्मचारियों ने बैढ़न शहर में रैली निकाल कर संयुक्त कलेक्टर एवं सीएसपी को ज्ञापन सौपा है।
गौरतलब है कि गोभा के ननिया निवासी लालजी बैगा ने बीट गार्ड उत्तर गोभा सुशील कुमार बुनकर पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाते हुये पुलिस के यहां शिकायत भी किया है। कार्रवाई न होने पर कांग्रेस पार्टी सक्रिय हुई और पिछले दिनों वन मण्डलाधिकारी दफ्तर के सामने कांग्रेसी पीड़ित लालजी बैगा के साथ धरने पर बैठ गये। डीएफओ ने जहां बीट गार्ड को गोभा से हटा कर बैढ़न तैनात कर दिया। वहीं कलेक्टर ने पीड़ित के मेडिकल जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित किया है। इधर यह मामला चल रही रहा था कि आज म.प्र. वन कर्मचारी संघ सिंगरौली के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह के अगुवाई में बीट गार्ड के पक्ष में रैली निकाल कर राजनैतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुये कहा कि मारपीट का आरोप निराधार है। बीट गार्ड को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। बीट गार्ड ने कोई गलत कार्य नही किया और उस पर कार्रवाई नही होनी चाहिए।
आखिर लालजी बैगा को बेरहमी से पीटा कौन ?
वन कर्मचारी संगठन का कहना है कि लालजी बैगा के साथ वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मारपीट नही किया है। अब सवाल उठाया जा रहा है कि लालजी बैगा को किसने मारा और उनके शरीर में चोट के निशान कहां से आये? क्या उसने अपने आप को खुद पिटाई कराया है। यदि वन कर्मियों की बात माने तो उसको चोटे वन कर्मियों के माध्यम से नही पहुंचाई गई है, शायद किसी और ने मारा पीटा हो। यह बात लोगों के गले से नही उतर रही है। अब चर्चा है कि वन अमला एवं कांग्रेसी नेता जहां आमने-सामने आ गये हैं। वहीं यह भी चर्चाएं जोर-शोर से है कि प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए वन कर्मियों ने अपनी ताकत दिखा रहे हैं, ताकि वन पाल को बचाया जा सके। यह भी सवाल किया जा रहा है कि लालजी बैगा अजजा वर्ग से हैं और वन पाल अनुसूचित वर्ग से हैं, फिर प्रताड़ना की बात कहां से उठ रही है? कहीं न कहीं दबाव बनाने का खेल है।
निष्पक्ष जांच कराने सौपा ज्ञापन
म.प्र. वन कर्मचारी संघ के बैनर तले आज दिन शुक्रवार को वन कर्मियों ने बैढ़न में रैली निकाल कर वन पाल सुशील कुमार बुनकर के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि सुशील कुमार बुनकर अनुसूचित वर्ग का कर्मचारी है। जिन्हें जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। वगैर वैधानिक जांच एवं प्रमाड़ के बीट गार्ड एवं वन विभाग की छवि खराब की जा रही है। ज्ञापन में राजनैतिक पार्टियों पर निशाना साधा गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से बदनाम किया जा रहा है। ऐसे कृत्य करने वालो के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो और इसका निष्पक्ष जांच हो। वन पाल के विरूद्ध अपराधिक प्रवृत्ति एवं राजनैतिक व्यक्तियों के दबाव में आकर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई न की जाये। यदि ऐसा होता है तो वन कर्मचारी संघ आंदोलन करेंगे।