पहली बार बनीं विधायक अब मोहन कैबिनेट में हैं सबसे कम उम्र की मंत्री जानिए कौन हैं प्रतिमा बागरी

मोहन कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव रिजर्व सीट से बड़ी जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुईं हैं।

मध्य प्रदेश की नई सरकार में नए मुख्यमंत्री की कैबिनेट में सतना को भी प्रतिनिधित्व मिला है। सतना जिले की रैगांव रिजर्व सीट से बड़ी जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुईं प्रतिमा बागरी को मोहन कैबिनेट में राज्य मंत्री बनाया गया है।

भाजपा के सतना ज़िला संगठन की महामंत्री प्रतिमा ने इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कल्पना वर्मा को 36 हजार 124 वोटों के बड़े अंतर से पराजित कर कमल खिलाया है। भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली रैगांव रिजर्व सीट पर पूर्व मंत्री जुगुल किशोर बागरी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में प्रतिमा को न केवल हार का सामना करना पड़ा था, बल्कि भाजपा को अपनी सीट भी गंवानी पड़ी थी।

हार को नहीं होने दिया हावी

उपचुनाव में हार के बावजूद क्षेत्र में प्रतिमा की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई। वे लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रहीं और जनता के सुख-दुख में सहभागी बनती रहीं। नतीजतन 2023 के चुनाव में रैगांव की जनता ने उन्हें इस कदर स्नेह-समर्थन दिया कि मतगणना के पहले ही राउंड से प्रतिमा ने ऐसी बढ़त बनाई कि पीछे पलट कर देखने की नौबत ही नहीं आई। प्रतिमा ने सतना लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सात सीटों पर जीते प्रत्याशियों के मुकाबले सबसे अधिक वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की।

सबसे कम उम्र में मंत्री पद 
रैगांव सीट से प्रदेश मंत्रिमंडल की सदस्य बनने वालीं प्रतिमा दूसरी विधायक हैं, जबकि सबसे कम उम्र में मंत्री पद की शपथ लेने वाली वो जिले की पहली विधायक हैं। इनके पूर्व रैगांव सीट से भाजपा के विधायक जुगुल किशोर बागरी भी शिवराज मंत्रिमंडल में जल संसाधन राज्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि बाद में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

ससुराल और मायके में जश्न का माहौल

एमएसडब्ल्यू से स्नातकोत्तर और लॉ से स्नातक की डिग्री हासिल करने वाली 35 वर्षीय प्रतिमा के पिता जयप्रताप बागरी और मां कमलेश बागरी एक ही कार्यकाल में सतना जिला पंचायत के सदस्य रह चुके हैं। प्रतिमा के पति संदीप सिंह बागरी व्यवसायी हैं। प्रतिमा के मंत्री बनने की खबर मिलने के बाद उनकी ससुराल और मायके में जश्न का माहौल है। समर्थक- कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं।