रिलायंस कोल माइंस अमलोरी में दर्दनाक हादसा

रिलायंस कोल माइंस अमलोरी में दर्दनाक हादसा

100 फीट गहरी खाई में गिरा होलपैक, ऑपरेटर की मौत

सिंगरौली जिले के नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलोरी स्थित रिलायंस कोल माइंस में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। खदान में ड्यूटी के दौरान एक होलपैक (डंपर) वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन चला रहे ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे माइंस क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि खदान में नियमित कार्य के दौरान होलपैक वाहन कोयला परिवहन में लगा हुआ था। इसी दौरान वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे गहरी खाई में जा गिरा। वाहन के साथ चालक भी नीचे चला गया। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।मृतक की पहचान देवेंद्र यादव निवासी बिहार के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद चालक के शव को खाई से बाहर निकाला गया। वहीं दुर्घटनाग्रस्त वाहन को बाहर निकालने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है।

हादसे के बाद खदान में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही माइंस में कार्यरत कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए। हादसे की खबर मृतक के परिजनों तक पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। सहकर्मियों ने बताया कि देवेंद्र यादव लंबे समय से खदान में वाहन संचालन का कार्य कर रहे थे।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ओपन कास्ट खदानों में भारी वाहनों का संचालन अत्यंत जोखिम भरा होता है। ऐसे में सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। हादसे के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि वाहन अनियंत्रित कैसे हुआ और दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या अन्य कोई कारण तो जिम्मेदार नहीं था।

जांच में जुटे अधिकारी—
घटना की सूचना संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी दी गई। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। वहीं खदान प्रबंधन द्वारा भी आंतरिक जांच कराई जा रही है।

परिजनों को सहायता की मांग—
हादसे के बाद श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मृतक परिवार का मुख्य सहारा था। ऐसे में कंपनी और प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार की हरसंभव मदद करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। घटना ने एक बार फिर खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।।