लंबित प्रकरणों में शीघ्र गिरफ्तारी व त्वरित चालानी कार्रवाई करें: हेमंत
वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर
अनसुलझे व संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण के लिए विशेष टीम गठन
सिंगरौली 25 मार्च। पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिंगरौली स्थित रुस्तम जी कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमंत चौहान द्वारा वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक आज दिन बुधवार को आयोजित की गई। बैठक में एसपी मनीष खत्री, एएसपी सर्वप्रिय सिन्हा, सीएसपी विंध्यनगर उमेश कुमार प्रजापति, एसडीओपी सिंगरौली गौरव पाण्डेय, एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी एवं एसडीओपी चितरंगी राहुल सैयाम सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिले में दर्ज विभिन्न अपराधों, लंबित प्रकरणों तथा उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है, उनमें शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही साक्ष्य संकलन को पूर्ण करते हुए त्वरित चालानी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और समयबद्ध तरीके से उसका निराकरण किया जाए। अनसुलझे अपराधों एवं संपत्ति संबंधी मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। इन मामलों में संबंधित एसडीओपीद्ध को सतत मॉनीटरिंग कर प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। गुमशुदा नाबालिक बालक एवं बालिकाओं के मामलों में पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी का अक्षरश: पालन करने, प्रकरणों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लेने तथा कायमी दिनांक से ही दस्तयाबी के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए। चिन्हित प्रकरणों में आरोपियों की सजा भी सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं मजबूत साक्ष्य संकलन करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त लंबित मर्ग, चालान एवं गुमशुदगी प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाने, थानों में संज्ञेय अपराध की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अपराध पंजीबद्ध करने तथा लंबित जप्ती माल के निराकरण के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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रक्षा समिति के सदस्यों को सक्रिय करें
ई-एफआईआर एवं जीरो एफआईआर संबंधी एसओपी का पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों के निराकरण, ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के सदस्यों को सक्रिय करने, त्यौहारों एवं अन्य अवसरों पर उनका सहयोग लेने, थाना एवं अनुभाग स्तर पर जन-चौपाल आयोजित कर आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही व्यापारिक संगठनों के साथ नियमित बैठक कर उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतत निगरानी रखने, भ्रामक एवं असत्य खबरों का त्वरित खंडन कराने तथा संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।