इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा जिला जेल में प्रेरणादायी पुस्तके की गयी भेंट

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा जिला जेल में प्रेरणादायी पुस्तके की गयी भेंट

जिला जेल पचौर पुस्तकालय को इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा प्रेरणादायी ज्ञानवर्धक 61 पुस्तके प्रदान की गयी, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक ज्ञान, शिक्षा एवं सकारात्मक विचारों का प्रसार करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल बंदियों के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक एवं व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यह कार्य रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली के प्रेसिडेंट एवं कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देशानुसार संपन्न किया गया। रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा हिंदी साहित्य, प्रेरक प्रसंगों, महान विभूतियों की जीवनियों, आत्मकथाओं, सकारात्मक चिंतन, व्यक्तित्व विकास तथा आध्यात्मिक विषयों से संबंधित पुस्तकों से कैदियों में सकारात्मक प्रवर्तन आ सके।

यह कार्यक्रम संयुक्त कलेक्टर सुश्री सौम्या मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली के चेयरमैन श्री एस. डी. सिंह एवं सचिव डॉ. ओ. पी. राय विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी पुस्तकों का सेट जिला जेल पचौर के जेल अधीक्षक श्री एल.के. त्रिपाठी को औपचारिक रूप से सौंपा गया।

इस अवसर पर रेडक्रॉस चेयरमैन ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम होती हैं। ज्ञानवर्धक साहित्य के अध्ययन से न केवल सकारात्मक सोच विकसित होती है, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मअनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है।

जेलों में पुस्तकालयों को समृद्ध करने से बंदियों को आत्मसुधार एवं आत्मविकास का अवसर प्राप्त होता है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित होने के लिए प्रेरित होते हैं।

जेल प्रशासन ने रेडक्रॉस सोसायटी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकालय में उपयोगी एवं प्रेरणादायी पुस्तकों की उपलब्धता से बंदियों के अध्ययन एवं ज्ञानार्जन की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक योगदान प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के कर्मचारी मुकुल किशोर, जयप्रकाश दुबे, शिरीन, अरविंद विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं सहयोगीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में जेल प्रशासन द्वारा इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, सिंगरौली के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं समाजोपयोगी जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम बताया गया।