सिंगरौली एवं सोनभद्र में कोयले के व्यापार में चलने वाले वाहनों के ड्राइवर और ऑपरेटर के हितों की रक्षा के लिए कोलफील्ड ड्राइवर/ ऑपरेटर संघ का गठन बीते शुक्रवार की शाम पृथ्वी छाया रोटी घर खनहना बैरियर में किया गया। जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों की सहमति से पृथ्वी नारायण वैश्य को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उक्त अवसर पर उन्होंने बताया कि कोयला क्षेत्र में काम कर रहे लगभग हर ट्रांसपोर्टर एवं एनसीएल में ओवर बर्डन रिमूवल के कार्य में लगी तमाम कंपनियों ने समय-समय पर व्यापार समेत हर चीजों में बढ़ोतरी हासिल की है। परंतु इस कार्य में लगे चालक व ऑपरेटर को आज भी उनके हितों का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल ट्रांसपोर्टों द्वारा कोल ट्रांसपोर्टेशन में एचपीसी (हाई पावर कमेटी के तहत चालकों को वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। जबकि ट्रांसपोर्टर इसका लाभ टेंडर के समय ही ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी समय में माइनिंग क्षेत्र की तरह खदान के अंदर चलने वाले चालकों का वेतनमान ट्रांसपोर्ट द्वारा दिलाया जाएगा। साथ ही चालकों को ज्यादा से ज्यादा ट्रिप लेने की होड़ में 24 घंटे य उससे भी ज्यादा समय तक वाहन चलाना पड़ता है। इसके लिए वह इस चीज की मॉनिटरिंग कराएंगे की 12 घंटे से ज्यादा कोई भी चालक वाहन ना चलाए। इससे दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। इसके अलावा ओवरलोड कोयला ट्रांसपोर्टेशन पर भी उनके यूनियन द्वारा रोक लगाई जाएगी। साथ ही जिन गाड़ियों का कागज पूरा नहीं होगा उस पर चालकों को जबरदस्ती नहीं चढ़ने दिया जाएगा। बैठक में चालकों ने मांग रखी की संघ की तरफ से उन्हें दो-दो वर्दी और यूनियन का बैच भी मोहिया कराया जाए, जिससे उनकी पृथक से पहचान की जा सके। उक्त बैठक में माहेश्वरी प्रताप सिंह, बलदेव कोल, रामजीत वैश्य, उमेश कुमार गुर्जर, सुधांशु पांडे, रामअवध समेत सैकड़ों की तादाद में ड्राइवर एवं ऑपरेटर उपस्थित रहे।