मोबाइल उपयोग को लेकर नाराज नाबालिग आधी रात घर से निकली तीन शहरों में तलाश के बाद पुलिस ने किया सकुशल दस्तयाब
सिंगरौली जिले के मोरवा से मोबाइल उपयोग को लेकर परिजनों से नाराज होकर घर से निकली एक नाबालिग लड़की को मोरवा पुलिस ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी सहायता से तीन शहरों में तलाश कर आखिरकार सकुशल दस्तयाब कर लिया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मोबाइल के क्रेज में बच्चे किस तरह जोखिम भरे कदम उठा रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार मोरवा गायत्री मंदिर रोड स्थित एक 17 वर्षीय 11वीं की नाबालिक छात्रा दिनांक 22 मार्च की रात करीब 2:30 बजे घर से निकल गई थी। बच्ची के लापता होने पर अभिभावकों ने 23 मार्च को मोरवा थाने में सूचना दी, जिस पर मोरवा निरीक्षक कपूर त्रिपाठी ने अपराध क्रमांक 165/26 दर्ज कर धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला कायम करते हुए तत्काल विवेचना प्रारंभ कर दी।
मिली जानकारी अनुसार नाबालिका की इंस्टाग्राम के माध्यम से दो युवकों से पहचान हुई थी। बताया जाता है कि उसने उन्हें बुलाया और उनके साथ स्कूटी से देर रात घर से निकल गई। इसके बाद वह पहले प्रयागराज गई फिर वहां से कानपुर पहुंची।इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देश एवं एसडीओपी गौरव पांडे के मार्गदर्शन में मोरवा निरीक्षक ने सीसीटीवी की मदद एवं साइबर सेल की टीम के सहयोग से तकनीकी साक्ष्य जुटाए और बच्ची की लोकेशन ट्रेस करते हुए पहले जबलपुर, फिर प्रयागराज और उसके बाद कानपुर पहुंची, जहां से लड़की को सकुशल दस्तयाब किया गया।इस दौरान पुलिस ने बच्ची को भगाकर ले जाने के आरोप में दो युवकों को भी कानपुर से हिरासत में लिया है। बताया जाता है कि दोनों युवक उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।कल देर रात बच्ची के सुरक्षित वापस आने के बाद मोरवा एसडीओपी गौरव पांडे ने नाबालिका के बयान कराए जिसके बाद घटना के संदर्भ में बयान जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल उपयोग को लेकर नाराजगी और जल्दबाजी में लिया गया यह निर्णय बच्ची को असुरक्षित परिस्थितियों में ले गया।पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया।