सिंगरौली में अखिल भारतीय बैसवार महासंघ का महासम्मेलन सम्पन्न शिक्षा, रोजगार और संगठन विस्तार पर दिया गया विशेष जोर

सिंगरौली में अखिल भारतीय बैसवार महासंघ का महासम्मेलन सम्पन्न शिक्षा, रोजगार और संगठन विस्तार पर दिया गया विशेष जोर

10 हजार से अधिक समाजजन हुए शामिल

सिंगरौली (वैढ़न)।
अखिल भारतीय बैसवार महासंघ का भव्य महासम्मेलन सिंगरौली हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के नवीन परिसर प्रांगण, वार्ड क्रमांक 41 (गनियारी), वैढ़न में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैसवार महासंघ के संरक्षक, पूर्व राज्यसभा एवं लोकसभा सांसद माननीय रामसकल बैस जी रहे। महासम्मेलन की अध्यक्षता बैसवार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय पूर्व विधायक माननीय रामलल्लू बैस जी ने की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बैसवार महासंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय के.पी. सिंह जी, रॉबर्ट्सगंज के पूर्व विधायक माननीय तीरथराज बैस जी तथा वरिष्ठ नेता माननीय जगदीश प्रसाद बैसवार जी की विशेष उपस्थिति रही।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

महासम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती, कुल देवी चण्डिका माता तथा अखिल भारतीय बैसवार महासंघ के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश दुद्धी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व. ईश्वर प्रसाद सिंह बैस जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।

संगठन विस्तार और जागरूकता का आह्वान

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद *रामसकल बैस जी ने अपने संबोधन में कहा कि यह महासम्मेलन समाज की एकता, संस्कृति और संगठन शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बैसवार समाज में आज भी कई प्रकार की सामाजिक विसंगतियाँ मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्वरोजगार, रोजगार और सदस्यता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता के अभाव के कारण समाज आर्थिक रूप से पिछड़ा है, जिसे संगठित प्रयासों से दूर किया जा सकता है।

शिक्षा को बताया समाज की रीढ़

अध्यक्षीय उद्बोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलल्लू बैस जी ने कहा कि समाज की उन्नति का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है। सभी स्वजातीय बंधुओं को अपने बच्चों को शिक्षित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विवाह समारोहों में होने वाले फिजूलखर्च पर रोक लगाने और दिन में विवाह संपन्न कराने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज के लिए उत्साहपूर्वक कार्य कर रहा है, जो आने वाले समय में बैसवार महासंघ को राजनीतिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाएगा।

आर्थिक समृद्धि पर दिया गया संदेश

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व विधायक *तीरथराज बैस जी ने कहा कि पशुपालन और खेती-बाड़ी समाज की आर्थिक रीढ़ हैं। जब तक समाज व्यवसायिक रूप से सशक्त नहीं होगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से कृषि और स्वरोजगार को अपनाने की अपील की।

हजारों की संख्या में समाजजन रहे उपस्थित

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम प्रसाद बैस, रामलला बैस, आर.पी. बैस, राष्ट्रीय महासचिव हरिओम कुसुमाकर, कोषाध्यक्ष जागबली बैस, सह सचिव लालता प्रसाद बैस, रामलखन बैस, कार्यालय मंत्री लखपति प्रसाद बैस, मध्यप्रदेश अध्यक्ष मोतीलाल बैस, उत्तरप्रदेश अध्यक्ष हीरालाल सिंह बैस, छत्तीसगढ़ अध्यक्ष गया प्रसाद बैस, पार्षद अनिल कुमार बैस सहित समाज के सैकड़ों पदाधिकारी एवं लगभग 10 हजार से अधिक बैसवार समाज के लोग उपस्थित रहे।

महासम्मेलन समाज में नई ऊर्जा, नई दिशा और नई चेतना का संदेश देकर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।