आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं में सरकार द्वारा घोषित पूरा और नियमित मानदेय नहीं मिलनें से नाराजगी
कई जिलों से यह शिकायत सामने आ रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan द्वारा किया गया वादा अभी पूरी तरह जमीन पर लागू नहीं हुआ है।
क्या था सरकार का वादा
2023 में सरकार ने घोषणा की थी कि आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹2000 से बढ़ाकर ₹6000 प्रति माह किया जाएगा।
इसके साथ ही हर साल ₹1000 बढ़ाने, ₹1 लाख रिटायरमेंट सहायता और बीमा सुविधा देने की भी घोषणा की गई थी। �
कई आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि
बढ़ा हुआ मानदेय सभी जगह नियमित रूप से नहीं मिल रहा
भुगतान में देरी हो रही है
कई जगह इंसेंटिव और प्रोत्साहन राशि भी लंबित है
क्यों उठ रहा है मुद्दा
आशा कार्यकर्ता गांव-गांव में
गर्भवती महिलाओं की देखभाल
टीकाकरण
स्वास्थ्य सर्वे
बच्चों और माताओं की निगरानी जैसे काम करती हैं।
उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण काम के बावजूद भुगतान समय पर नहीं मिल रहा।
मध्य प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं का मुद्दा फिर चर्चा में है। उनका आरोप है कि पूर्व में घोषित ₹6000 मानदेय और अन्य लाभ पूरी तरह और समय पर नहीं मिल रहे, इसलिए वे सरकार से वादा पूरा करने की मांग कर रही हैं।