मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार का, दो नामजद सहित 4 आरोपियों पर मामला दर्ज

मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार का, दो नामजद सहित 4 आरोपियों पर मामला दर्ज

सिंगरौली 15 मई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार के चर्चित बीएमओ डॉॅ.अभिरंजन सिंह के साथ चार आरोपियों ने हाथापाई करते हुए बीच-बचाव करने पहुंचे। सफाई कर्मी की धुनाई कर दी। विवाद का कारण मेडिकल रिपोर्ट बताया जा रहा है। यह घटना शनिवार की सुबह की है। बीएमओ की रिपोर्ट पर पुलिस ने दो नामजद सहित चार आरोपियों के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध किया है।
खुटार पुलिस चौकी प्रभारी मुकेश झारिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक खुटार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ डॉ.अभिरंजन सिंह के साथ खटखरी के समीपस्थ बरौंहा निवासी प्रमोद शर्मा एवं नीरज शर्मा मारपीट के मामले में मेडिकल जांच के लिए पहुंचे थे। चौकी प्रभारी ने बताया कि उक्त आरोपियों के साथ मारपीट हुई थी। जहां पुलिस मेडिकल जांच के लिए खुटार अस्पताल भेजा था। पुलिस का कहना है कि उक्त आरोपी बीएमओ पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि गंभीर चोट दिखाते हुए जिला चिकित्सालय के लिए रिफर कर दें। चोट ज्यादा न होने के कारण बीएमओ ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर आरोपियों एवं चिकित्सक के बीच कहा-सुनी, गाली-गलौज शुरू हो गया। इतने में आरोपी प्रमोद शर्मा, नीरज व दो अन्य बीएमओ से हाथापाई करने लगे। शोर-शराबा होते सुन सफाई कर्मी भी बीच-बचाव करने पहुंच गया। जहां उक्त आरोपियों ने सफाई कर्मी के साथ मारपीट कर दी। बीएमओ की रिर्पोट पर पुलिस ने उक्त आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 353,332,323,506,34 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दिया है।
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सुर्खियों में रहता है बीएमओ
पिछले वर्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार के चर्चित बीएमओ ने ऐसा फ्राड किया था कि स्वास्थ्य महकमे को शर्मसार होने के लिए मजबूर होना पड़ा। खुटार बीएमओ स्वयं कोरोना पॉजीटिव था। इसके अलावा उसकी पत्नी व रिश्ते के दो बच्चे भी पॉजीटिव हो गये। किन्तु उसने अपने पत्नी के स्थान पर नौकरानी का नाम दर्ज करा दिया था। जब इसका भंडाफोड़ हुआ था। तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.आरपी पटेल की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने चर्चित बीएमओ के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर दिया था। इसके बाद बीएमओ इस धोखाधड़ी पर पर्दा डालने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये हैं। यहीं से बीएमओ चर्चाओं में आ गया और बीच-बीच में कहीं न कहीं उनका क्रियाकलाप सामने आ जाता है। मारपीट की इस घटना में क्या सच्चाई है यह तो पुलिस के निष्पक्ष विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। लेकिन इतना बीएमओ पर आरोप है कि वह पद के गुरूर में लोगों को धौंस दिखाता रहता है।