मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले से करोड़पति हैं। उन्होंने विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी के तौर पर दाखिल नामांकन में दी गई जानकारी में बताया है कि उनका शेयरों में निवेश ही करीब पांच करोड़ रुपये का है।
मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव करोड़पति हैं। खेती-किसानी, व्यवसाय और किराये से ही उनकी आमदनी होती है। नौ करोड़ की चल और 32 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के मालिक हैं। यानी कुल मिलाकर 42.04 करोड़ रुपये की संपत्ति उनके नाम है। 2018 के चुनावों में उन्होंने अपनी संपत्ति 31.97 करोड़ रुपये होने का खुलासा किया था। यानी पांच साल में उनकी संपत्ति में करीब दस करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
निर्वाचन आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार मोहन यादव के पास नगदी 1.41 लाख रुपये है। उनकी पत्नी सीमा यादव के पास जरूर उनसे अधिक 3.38 लाख रुपये है। बैंक खातों में उनके और उनके परिवार के नाम पर 27 लाख रुपये से अधिक राशि जमा है। करोड़ों की संपत्ति का मुख्य हिस्सा शेयरों में किया गया निवेश है, जो उनके और उनके परिजनों के नाम पर है।
2.70 करोड़ के शेयर हैं सीएम के पास
हलफनामे में मोहन यादव ने अपने नाम पर 2.70 करोड़ रुपये के शेयर होने की बात कही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर 2.91 करोड़ रुपये के शेयर हैं। हिंदू अविभाजित परिवार और बच्चों के नाम पर भी 80 लाख रुपये के शेयर हैं। बीमा योजनाओं में भी उनका लाखों रुपये का निवेश है।
सोना कम, जमीन ज्यादा
मोहन यादव का भरोसा रियल्टी पर अधिक है। उनके नाम पर 8.40 लाख रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर हैं। मममोहन यादव के पास कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, कमर्शियल बिल्डिंग और आवासीय इमारत मिलाकर कुल 32 करोड़ रुपये की संपत्ति है।