पत्नी के हत्यारे पति को अदालत ने सुनाया आजीवन कारावास की सजा एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड से किया दंडित

सिंगरौली/देवसर- अपर सत्र न्यायालय देवसर द्वारा हत्या के मामले में तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय श्याम सुंदर झां, ने आरोपी ब्रम्हलाल बैगा पिता समई बैगा उम्र 55 वर्ष निवासी चिनगो थाना बरगवां की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित भी किया गया है।
अभियोजन कहानी
उक्त मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजन अधिकारी मारकण्डेय मणि त्रिपाठी ने बताया कि दिनांक 19 मार्च 2022 को सूचना कर्ता हृदयलाल बैगा ने पुलिस थाना बरगवां में आकर इस आशय की रिपोर्ट किया कि उसकी मां सीता देवी बैगा और पिता ब्रम्हलाल बैगा घर पर थे। आज सुबह 7:00 बजे ग्रामीण गंगाराम विश्वकर्मा ने फोन पर बताया कि उसकी मां की मृत्यु हो गई है और उसके पिता घर पर नहीं है। सूचना कर्ता जब घर पर आया और देखा उसकी मां सीता देवी बैगा घर के दरवाजे पर मृत हालत में पड़ी थी और घर में कोई नहीं था‌। गांव के पड़ोसी और सरपंच उक्त घटनास्थल पर आए‌। उक्त रिपोर्ट के आधार पर मर्ग कायम हुआ। मृतिका सीता देवी बैग केशव का पंचनामा बनाने के उपरांत, मृत्यु का सही कारण जानने के लिए मृतिका के शव का पोस्टमार्टम बरगवां सीएससी में करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संबंधित चिकित्सक विशेषर सिंह ने यह अभिमत दिया कि मृतिका के मृत्यु का कारण उसके गले की एटलस अस्थि भंग होने के कारण 24 घंटे के अंदर हुई है।घटना स्थल से एक नग सिल्क,काले रंग की बटन जिसमें चार छेद हैं उसमें टूटे हुए धागे लगे हैं को बरामद किया गया। तदोपरांत दिनांक 26 मार्च 2022 को थाना बरगवां में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दंड विधान 1860 के अंतर्गत रिपोर्ट पंजीबद्ध किया गया।
वहीं सम्बंधित डॉक्टर ने न्यायलयीन कथन में बताया कि मृतिका की मृत्यु उसके गले की एटलस अस्थि के भंग होने के कारण हुई है जो हत्यात्मक प्रकृति की है।
विवेचना के क्रम में आरोपी के शर्ट तथा बांस के डंडे पर मानव रक्त की मौजूदगी के संबंध में बचाव पक्ष द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।घटना स्थल से बरामद बटन तथा उसमें फंसे धागे के टुकड़े उक्त सभी सामग्री आरोपी के आधिपत्य से बरामद हुई है।उक्त परिस्थितियों से स्पष्ट है कि आरोपी घटना स्थल पर मौजूद था।दरअसल मृतिका आरोपी की पत्नी थी,माननीय न्यायालय ने माना कि मृतिका और आरोपी के खींचातानी में आरोपी के शर्ट की बटन घटनास्थल पर गिरा है। उक्त तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी ब्रम्हलाल बैगा को अपराध कृत मानते हुए अपराध धारा 302 भारतीय दंड विधान में आजीवन कारावास सहित 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।