देवसर जनपद अध्यक्ष प्रणव पाठक कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल

देवसर जनपद पंचायत के अध्यक्ष प्रणव पाठक ने आज भाजपा की सदस्यता ले लिया है। जनपद अध्यक्ष ने सिहावल विधायक पर सामंत शाही पूर्ण रवैया बनाने का आरोप लगाते हुए निशाने पर लिया है। जनपद अध्यक्ष सहित कई जनपद सदस्य एवं सरपंचों के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब हो कि जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से ही आपसी टकराव चल रहा था। 16 जनवरी को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के देवसर प्रवास के दौरान जनपद अध्यक्ष प्रणव पाठक ने सिहावल विधायक पर तीखा हमला बोला था । मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए प्रणव ने सिहावल विधायक पर सामंतवादी की तरह कार्य करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी के प्रदेश नेतृत्व जहां शिकायत किया था।प्रणव के मुखर होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण के अध्यक्ष ने शो कॉज नोटिस देते हुए जवाब मांगा था। जहां प्रणव ने विधायक के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष पर भी नोटिस के जवाब के साथ पलटवार किया था । तब से ही अंदेशा लगाया जा रहा था कि जनपद अध्यक्ष अपने समर्थक जनपद सदस्य एवं सरपंचों के साथ इसी समय कांग्रेस पार्टी से बाय- बाय कर सकते हैं| आज मंगलवार को करीब 1 दर्जन से अधिक जनपद सदस्य एवं सरपंचों के साथ भोपाल भाजपा कार्यालय पहुंच प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा एवं बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के हाथों भाजपा की सदस्यता दिया है । इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष कांत देव सिंह एवं प्रवक्ता शिवम शुक्ला सहित अन्य भाजपा के नेता मौजूद थे|
विस चुनाव के पूर्व कांग्रेस को तगड़ा झटका
विधान सभा चुअनव के पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रणव पाठक अपने दर्जनों सरपंच एवं जनपद सदस्यों के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद सिहावल विधान सभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटक अलग जहा बताते चले कि सुपेला पाठक परिवार का क्षेत्र में दबदबा है और प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते है| प्रणव के पिता स्व. कौशलेन्द्र पाठक जहाँ जनता से जुड़े रहे वहीँ इनकी माँ जिला पंचायत सदस्यभी रह चुकी है | पिछले वर्ष त्री –स्तरीय पंचायत चुनाव में प्रणव पाठक भारी मतों के साथ जनपद सदस्य निर्वाचित हुए थे और कांग्रेस पार्टी से जनपद अध्यक्ष में स्वयं के पहल पर निर्वाचित हुए थे | अब इनके भाजपा में शामिल होने से राजनैतिक सरगर्मियां भी तीज हो गयी है प्रणव के भाजपा में शामिल होने से सिहावल विधानसभा चुनाव की दावेदारों की चिंताए बढ़ गयी है |