7 वर्षों बाद पहली बार मिली अच्छी सड़क से लोगों ने ली राहत की सांस, खस्ताहाल सड़क ने आम लोगों का किया था जीवन दुश्वार!
एनएच के मोरवा क्षतिग्रस्त पैच का हुआ डामरीकरण
के अनुसार कीचड़, धूल और गड़ों के रूप में देखा जा रहा था। हजारों वाहन इस सड़क पर सिंगरौली से अनपरा और बनारस के लिए आवागमन कर रहे थे। जिन्हें बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा था और यह सफर आधे से एक घंटे के बीच पूरा हो पा रहा था। जिस प्रकार लिए मप्र राज्य सड़क विकास निगम लि. के द्वारा ठेका दिया गया है। यदि उसके से मुताबिक सड़क का निर्माण किया गया. बारिश हो नहीं फोरलेन एजेंसी ने के जिस प्रकार आवागमन को बहाल रखते इसे एक बड़ी राहत के रूप उत्साह है। बिना इस सड़क को चर्चा
रीवा रांची एनएच-75 के सीधी-सिंगरौली एमएच 39 के सात वर्षों से फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। तीन वर्ष पूर्व मोरवा के मोटर मार्केट एरिया को आनन-फानन लोड़ दिया गया था। इसके बाद से अब तक इसकी मरम्मत तक नहीं सड़क के टू-लेन को कम्प्लीट करने के ( जा सकी थी। लिहाजा एमपीआरडीसी की को निर्माण को छोड़कर मरम्मत कराने हो गयो। कोई मजबूरी हो महीने मरम्मत कार्य में लगी एजेंसी अब मोरवा तो वाली पहुंची है। कई दिनों से ग्रेडर चलाने सड़क के निर्माण होने तक इस सड़क गिट्टी बिछाने और समतलीकरण करने के जरिये आवागमन सुविधाजनक बना के उपरांत कई स्थानों पर डामरीकरण रहेगा। दो दिनों में मरम्मतक्ता किया गया ै। एनसीएल मुख्यालय सामने से भूसा मोड़, चटका पुल तक हुए मरम्मत कार्य किया है। उससे इस डामरीकरण कर आवागमन सुगम कर रुट का उपयोग करने वाले लोगों में भारी दिया गया है। में देखा जा रहा है अब कार्य चटका फूल किये हुए लोग रह नहीं पा रहे हैं। इसी से खनहना और सर्किट हाउस मोह से से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों सीईटी मोड़ के बीच किया जाना को सड़क से कितनी बड़ी समस्या अनी है। कई वर्षों से इस सड़क को सीजन हुई थी।
कई बार एनसीएल ने करायी अस्थायी मरम्मत
एनसीएम मुख्यालय से लेकर गटका पुरन तक सजासतौर पर भूसा मोड़ के पास आधिक क्षतिसत सटक पर आवागमन बाधित हो जाता था। मुक्तिधाम चटका में धने पुराने पुल पर यात्रा उत्या हो जाता इसके लिये एनसीपरन की डिगुस्दह परियोजना के द्वारा मिी, जिी और ओधी इलवा कर आधागमल सुरक्षित करने की कोरियों की जा रही थी। इस मरम्मत कार्य के शुभ हो जाने से स्थानीय लोगों को उम्नीद उगी है कि मोरणा से खानाला प्रदेश की सीमा तक सड़क सुविधा हो जायेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरतात एजेंसी को आाননार दग और बिमि की सही मा वाले हट मिकस का उपयोग करने की मांग की गई है।
चटका पुल में बैरीकेट्स लगाने की जरूरत
घटका नाला मुक्तिधाम पर बने । पुन की हालत बेहद जर्जर हो गयी थी। इस पर डामरीकरण हो जाने से भारी वाहनों की रफ्तार बढ़ गयी है। कई दशक पुराने इस पुल का लेल दोनो ओर से सड़क से काफी नीचे है। दोने और से वाहनों के इस पुल पर पहुंचने पर रफ्तार बढ़ जाती है, तान के कारण यहां पर वाहनों के अनियंत्रित होने की आशाका बनी है पुल के दोनों और किसी प्रकार का सांकेतिक बेरिकेट्टा भी नहीं है। जिससे पुल की चौड़ाई का अजुमान लगाया जा सके। मरम्मत के साथ ही लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर दुर्घटनाओं से बचाव के लिए भी कार्य किया जाना चाहिए।
वर्षों सड़क मरम्मत की चल रही थी मांग सड़क निर्माण के लिए
एक तरफ की सड़क पर गहरी सुनुवाई कर दी गई थी। इस सड़क पर जहरे गले हो चुके हैं। आक्रोश इतना था कि बीती वर्षारिश में सरकार का विरोध करते हुए काग्रेस कार्यकर्ताओं ने एनएच पर धान रोप दिये थे। जो कई महीने तक हरे भरे बने रहे। हर दिन उड़ती हुई धूल से परेशान हाल लोगों के द्वारा भारी वाहनों के आत्यालामाल पर रोक लगाने और पानी का छिड़काव कराए जाने की माता की जा रही थी। टू-लेन सड़क मरम्मत से काफी राहत मिल जायेगी।