सिंगरौली के विवादित उप पंजीयक निलंबित

सिंगरौली में कई वर्षों से पदस्थ विवादित एवं चर्चित उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार पर अंतत: निलंबन की कार्यवाही कर दी गई। यह कार्यवाही महानिरीक्षक पंजीयन मप्र भोपाल के द्वारा की गई है। इस कार्यवाही से उप पंजीयक दफ्तर में जहां हड़कम्प मचा हुआ है। वहीं अब निलंबित उप पंजीयक के काले कारनामों की कई परतें भी एक के बाद एक खुलने की संभावना दिखने लगी है। गौरतलब हो कि सिंगरौली के साथ-साथ चितरंगी के अतिरिक्त प्रभार के रूप में पदस्थ बहुचर्चित उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार पर एक नहीं दर्जनों उनके काले कारनामों की शिकायत कलेक्टर से लेकर महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मप्र भोपाल के यहां शिकायत की गई थी, जिसकी जांच महानिरीक्षक पंजीयन के साथ-साथ जिला प्रशासन के द्वारा भी कराई गई थी। किन्तु कलेक्टर के द्वारा गठित जांच टीम ने उप पंजीयक पर दरियादिली दिखाते हुए जांच में लिपापोती करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा था, यहां तक कि उप पंजीयक के नियुक्ति पत्र में विकलांग क्यों लिखा है, इसका जवाब दरियादिली दिखाने वाले अधिकारियों ने नहीं लिया और न ही सवाल दागे। उप पंजीयक ने जो जवाब दे दिया, उसकी को सही मान लिया था। इसके अलावा उप पंजीयक पर अन्य कई संगीन आरोप भी हैं। इसी आरोप में एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के रजिस्ट्री का था, जिसमें उप पंजीयक ने व्यापक पैमाने पर खेला करते हुए राजस्व की चोरी कराने में भरपूर सहयोग किया। इस तथ्य की शिकायत महानिरीक्षक पंजीयन मप्र भोपाल के यहां शिकायतकर्ताओं के द्वारा की गई थी, जिसकी जांच पंजीयक एवं विभागीय जांच अधिकारी जिला रीवा कर रहे थे और 14 अगस्त को उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को साक्ष्यों के साथ रीवा में उपस्थित होने के लिए अंतिम अवसर दिया गया था। सूत्र बता रहे हैं कि विवादित उप पंजीयक शिकायती आरोपों का सही जवाब नहीं दे पाया, वहीं इस मामले को महानिरीक्षक पंजीयन मप्र भोपाल ने गंभीरता से लेते हुए उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को निलंबित करते हुए उप महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय जबलपुर मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया है। इस कार्यवाही से विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है, साथ ही यह भी चर्चा है कि अब उप पंजीयक के काले कारनामों का एक के बाद एक संसनीखेज चिट्ठा खुलने वाला है। करोड़ों रुपये की पहुंचाई है राजस्व क्षति
महानिरीक्षक पंजीयन मप्र भोपाल ने उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही करते हुए आदेश में लिखा है कि अशोक सिंह परिहार उप पंजीयक सिंगरौली को दस्तावेज क्रमांक एमपी 508452022ए1056581 दिनांक 18 जनवरी 2022 के पंजीयन के रूप में एक करोड़ दस लाख छत्तीस हजार सात सौ पचहत्तर रुपये की राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप हैं। मल्टीस्टोरी भवन को दुकान दिखाकर रजिस्ट्री करने का आरोप है।
एफआईआर दर्ज कराने की उठी मांग
निलंबित उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार के विरूद्ध अब एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश सोनी ने कहा है कि ऐसे भ्रष्ट उप पंजीयक पर निलंबन की कार्यवाही नाकाफी है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के विरूद्ध एफआईआर हो और निलंबित उप पंजीयक के कारनामों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। मौजूदा जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद भी करना मुश्किल है। बाक्स- उप पंजीयक तीन दिन अवकाश बताकर रवाना उप पंजीयक दफ्तर में आज सुबह से ही नवभारत की खबर को लेकर चर्चायें थी। इस दौरान उप पंजीयक कार्यालय का कामकाज देवसर में पदस्थ उप पंजीयक गंगा पाण्डेय ने शुरू कर दिया। निलंबित उप पंजीयक स्टॉफ को यही बताया कि तीन-चार दिनों के लिए अपने चहेते सेवा प्रदाताओं को यही बताया कि तीन-चार दिन के लिए अवकाश पर जा रहा हूं जल्द ही आउंगा। लोग बाग जानने की इच्छा करते रहे कि कहीं निलंबन की कार्यवाही तो नहीं हुई है। निलंबित उप पंजीयक ने उक्त कार्यवाही को नकार कर अपनी लम्बी-लम्बी पहुंच बताकर फेकने लगे। दोपहर बाद निलंबन संबंधी पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने लगा तब निलंबित उप पंजीयक भी मुंह लटकाये चलते बने।