पोत परिवहन मंत्रालय भारतीय समुद्री क्षेत्र के लिए समर्पित उपग्रह प्रौद्योगिकी की खोज करेगा”: श्री सर्बानंद सोनोवाल
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्लू) श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मंत्रालय भारत के समुद्री व्यवस्था और पत्तन प्रबंधन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक समर्पित उपग्रह प्रक्षेपित करने या एक ट्रान्सपॉन्डर प्राप्त करने की संभावना का पता लगाएगा।
केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से आग्रह किया, “हमारे मंत्रालय को भारतीय समुद्री क्षेत्र के लिए अपना स्वयं का उपग्रह प्रक्षेपित करने या एक समर्पित ट्रान्सपॉन्डर प्राप्त करने की योजना बनानी चाहिए। इससे अंतरिक्ष-आधारित उन्नत समाधानों के माध्यम से भारत के तटीय और पत्तन के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।”
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित प्रणाली भारतीय तटीय जल, अंतर्देशीय जलमार्ग और पत्तन क्षेत्रों के लिए विशेष कवरेज प्रदान करेगी तथा राष्ट्रीय समुद्री डेटाबेस के साथ एकीकृत होकर पोत परिवहन, नौवहन सुरक्षा और बंदरगाह परिचालन की वास्तविक समय निगरानी प्रदान करेगी।
श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आगे कहा “इससे भारत के समुद्र तट और ईईजेड पर पोत परिवहन की बेहतर निगरानी, पोत की वास्तविक समय की ट्रैकिंग, भीड़भाड़ की शीघ्र पहचान और बेहतर नौवहन सुरक्षा में सहायता मिलेगी। इससे खोज और बचाव, प्रदूषण नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों में भी सुधार होगा, साथ ही विदेशी नौवहन प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलेगा ।”
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, ” भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक राष्ट्र के रूप में उल्लेखनीय प्रगति की है और विश्व के सबसे सम्मानित और कुशल अंतरिक्ष कार्यक्रमों में से एक का निर्माण किया है। ”
केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की यात्रा, ज्ञान की खोज और मानवता की भलाई को याद किया।
श्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणियों के साथ-साथ 2014 से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में उनके नेतृत्व को याद करते हुए कहा, “ हमने 2023 में सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत की पहली सौर वेधशाला, आदित्य-एल 1 भी स्थापित की। हाल ही में, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के एक मिशन को पूरा करने वाले पहले भारतीय बने। जल्द ही, हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत से भारत गगनयान मिशन शुरू करेगा और अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने अनेक चुनौतियों का समाधान करने और अवसरों के नए आयाम खोलने में उल्लेखनीय प्रगति की है।”
अपनी शुभकामनाएं देते हुए, श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा: ” मैं राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रत्येक भारतीय को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और साथ ही मैं हमारे देश के युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे न केवल आकाश तक बल्कि अंतरिक्ष तक भी पहुंचे।”