ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली ने ग्राम पंचायत रेही में चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज का मनाया 1209वीं जयंती

ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली ने ग्राम पंचायत रेही में चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज का मनाया 1209वीं जयंती

आयोजित कार्यक्रम में आल इण्डिया गुर्जर विकास संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सम्माननीय वीरेंद्र सिंह हर्षाना के निर्देशानुसार, मुख्य अतिथि के रूप में राम किंकन गुर्जर विसिष्ट आतिथि के रूप में रूप में ओबीसी के बड़े नेता लोकेंद्र गुर्जर ,(भोपाल) लाखन सिंह गुर्जर ( ग्वालियर), प्रवेंद्र गुर्जर, दयाराम गुर्जर जी शाजापुर एवं अन्य वरिष्ठ जन् उपस्थित हुए आयोजित कार्यक्रम में ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन के प्रदेश महामंत्री और ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली के मार्गदर्शक रामेश्वर सिंह गुर्जर एवं प्रदेश मिडिया प्रभारी मोहर सिंह गुर्जर, अंजनी गुर्जर (प्रबंधक), रामसागर गुर्जर और
ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली के सक्रिय सदस्य उमेश कुमार गुर्जर , सुखेंद्र गुर्जर अमित गुर्जर और मुन्ना लाल गुर्जर के मार्गदर्शन में ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली के जिलाध्यक्ष राजकुमार गुर्जर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में देव प्रताप गुर्जर सरपंच , चंद्रिका प्रसाद गुर्जर ललित गुर्जर भुवनेश्वर प्रसाद गुर्जर, श्याममोहन गुर्जर, (जिला उपाध्यक्ष ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन सिंगरौली) की अध्यक्षता में सम्पन्न की गई।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में
सिंगरौली जिले के वरिष्ठ एवं सामाजिक आदरणीय श्री हरिहर प्रसाद गुर्जर , राम सुशील गुर्जर विपिन भाटी जी(NCL,) राम नरेश गुर्जर (मध्य प्रदेश पुलिस) यज्ञदत्त गुर्जर , नागेंद्र प्रताप सिंह दिनेश गुर्जर (वरिष्ठ शिक्षक ), संतोष गुर्जर रामानुज गुर्जर , रमेश गुर्जर रहे।प्रमुख वक्ताओं द्वारा गुर्जर समाज के इतिहास के बारे में और सम्राट मिहिर भोज जी के पराक्रम एवं राज्य व्यवस्था शासन तथा सैन्य शक्तियों के बारे में जानकारी दी गई। गुर्जर प्रतिहार का शासन काल 730 ई से 1036 ई तक भारत के समस्त मध्य उत्तर भूभाग पर रहा 300 वर्षों तक गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य ने अरब आक्रन्ताओं को भारत में प्रवेश करने से रोका एवं निरंतर युद्ध करते रहे । गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य के सबसे प्रतापी शासक सम्राट मिहिर भोज जी रहे जिनका शासनकाल 49 वर्षो तक रहा जिनके शासन काल में सोने चांदी के सिक्को का चलन था जिन सिक्कों पर भगवान विष्णु के वराह अवतार का चिन्ह अंकित था,इनके पास 36 लाख की सुसज्जित सेना थी जो बहूत ही शक्तिशाली सेना मानी जाती थी , इन्हें वराह अवतार की उपाधि प्राप्त था ,सम्राट मिहिर भोज के शासनकाल पूर्ण न्यायिक एवम धर्म, संस्कृति रक्षक रहा है ।
सम्राट मिहिर भोज का जन्म कन्नौज गुर्जर सम्राट रामभद्र गुर्जर के यहां 816 ईस्वी में हुआ था एवम मृत्यु 888 ईस्वी में हुई। सम्राट मिहिर भोज 20 वर्ष के अल्प आयु में राज्याभिषेक हो गया था, ईन्होंने कुशलतापूर्वक 49 वर्षों तक शासन किया एवम अनेकों युद्ध लड़े एवम सदैव विजई रहे, कन्नौज इनकी राजधानी थी। इतिहास में प्रसिद्ध त्रिपक्षीय युद्ध इनके समय में लड़ा गया था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं द्वारा गुर्जर समाज के इतिहास और मृत्यु भोज शराब बंदी, शिक्षा को अधिक बढ़ावा ,एक जूटता पर विशेष महत्व दिया गया लाखन सिंह गुर्जर के द्वारा गुर्जर समाज के प्रसिद्ध संत हरि गिरि महाराज के द्वारा चलाए गए मुहिम को लागू करने के लिए सिंगरौली जिले में शराबबंदी एवं दहेज प्रथा बंद करने को लेके बात कही गई है कार्यक्रम में समाज के सम्मानित विजय सिंह गुर्जर ,हरेंद्र प्रताप सिंह राम बिछ गुर्जर ,संतोष कुमार गुर्जर, हृदय लाल , गुर्जर रोहिणी गुर्जर सरपंच रेही सहित गुर्जर समाज के समस्त सामाजिक वरिष्ठ जनों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं